मोज़े और जूतों की दोस्ती

मोज़े और जूतों की दोस्ती

लेखक
authorEevee's Stories

पुराने मोज़ों की एक जोड़ी और कीचड़ भरे जूतों की एक दिल छू लेने वाली कहानी, जो आपस में लड़ने और अलग होने के बाद एक-दूसरे के लिए अपनी दोस्ती का एहसास करते हैं।

age3 - 8 साल पुराना
emotional intelligence
कहानी का विवरण

एक बार मोज़ों की एक पुरानी जोड़ी थी, जो बहुत पतली और घिसी हुई थी, और जूतों की एक जोड़ी जो गंदी हो गई थी—ओह, कितने उदास थे!

“खुद को देखो!” जूतों ने कहा, “क्या हालत बना रखी है!” “तुम गंदे हो!” मोज़ों ने कहा, “न साफ़, न चमकीले!”

उन्होंने बहस की और अलग हो गए, उनकी दोस्ती खत्म हो गई, और छोटे लड़के को बहुत बुरा लग रहा था।

मोज़े जूतों के अंदर नहीं जाना चाहते थे, और जूते भी मोज़ों को साथ नहीं रखना चाहते थे।

बेचारे पैर, जो उस छोटे लड़के के थे, ठीक से चल नहीं पा रहे थे, एक पैर में सिर्फ़ मोज़ा, एक पैर में सिर्फ़ जूता—क्या नज़ारा था!

बाहर की दुनिया में धूल भरे रास्ते थे, मोज़ा गंदा हो गया, उसे जूते के सुरक्षित आराम की कमी खल रही थी।

और जूता, बिना मोज़े के, बदबूदार और गीला हो गया, पसीने और कीचड़ से—वह परेशान था।

“ओह, मोज़े!” जूता रोया, “मैं गंदा और दुखी हूँ!” “ओह, जूते!” मोज़ा रोया, “मेरी हालत बहुत खराब है!”

वे फिसलते-फिसलाते तेज़ी से वापस भागे, मोज़ों ने जूतों को गले लगा लिया, अब वे छिपना नहीं चाहते थे।

“धन्यवाद, जूते,” मोज़ों ने कहा, “हमें साफ़ रखने के लिए!” “धन्यवाद, मोज़े,” जूतों ने कहा, “तुम हमें चमकाते हो!”

वे वापस पैरों पर चले गए, एक पक्की जोड़ी बनकर, घिसे और गंदे एक साथ—कितना प्यारा नज़ारा था!